विंशोत्तरी महादशा
वैदिक ज्योतिष में 9 ग्रहों की महादशाओं के प्रभाव और उनके उपाय जानें।
सूर्य महादशा
सूर्य की महादशा 6 वर्ष की होती है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है, जो आत्मा, पिता, सत्ता, आत्म-स...
चंद्र महादशा
चंद्रमा की महादशा 10 वर्ष तक चलती है। चंद्रमा मन, भावनाओं, माता, शांति और रचनात्मकता का कारक है। यह महादशा जीवन में भावन...
मंगल महादशा
मंगल की महादशा 7 वर्ष की होती है। मंगल साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि और भाई-बहनों का प्रतिनिधित्व करता है। यह महादशा जीवन म...
राहु महादशा
राहु की महादशा 18 वर्ष तक चलती है, जो जीवन के सबसे लंबे और परिवर्तनकारी कालखंडों में से एक है। राहु भौतिक इच्छाओं, भ्रम,...
गुरु महादशा
बृहस्पति (गुरु) की महादशा 16 वर्ष की होती है। गुरु ज्ञान, धर्म, धन, संतान और भाग्य का सबसे बड़ा कारक है। 18 वर्ष की उथल-...
शनि महादशा
शनि की महादशा सबसे लंबी अवधि, 19 वर्ष की होती है। शनि कर्म, न्याय, अनुशासन, मेहनत और सीमाओं का ग्रह है। यह दशा व्यक्ति क...
बुध महादशा
बुध की महादशा 17 वर्ष की होती है। बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्क और संचार (Communication) का कारक है। शनि की कठिन दशा क...
केतु महादशा
केतु की महादशा 7 वर्ष की होती है। केतु को मोक्ष, वैराग्य, अंतर्ज्ञान (Intuition), और रहस्यमय विद्याओं का कारक माना जाता ...
शुक्र महादशा
शुक्र की महादशा 20 वर्ष तक चलती है, जो राहु के बाद दूसरी सबसे लंबी दशा है। शुक्र प्रेम, विवाह, कला, विलासिता (Luxury) और...