शनि महादशा
शनि की महादशा सबसे लंबी अवधि, 19 वर्ष की होती है। शनि कर्म, न्याय, अनुशासन, मेहनत और सीमाओं का ग्रह है। यह दशा व्यक्ति को वास्तविकता से रूबरू कराती है और जीवन के कड़े सबक सिखाती है।
सामान्य प्रभाव
शनि की दशा में सफलता धीमी लेकिन स्थायी होती है। यह परीक्षण का समय है। शुभ शनि अपार मेहनत के बाद भारी सफलता, धैर्य और समाज में एक मजबूत स्थिति देता है। अशुभ शनि संघर्ष, देरी, निराशा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं (विशेषकर जोड़ों का दर्द) ला सकता है।
करियर और धन
करियर में स्थिरता आती है, लेकिन बहुत अधिक काम और जिम्मेदारी भी बढ़ती है। विनिर्माण (manufacturing), न्यायपालिका, या जमीन से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है। धन संचय धीमा होता है लेकिन सुरक्षित रहता है।
रिश्ते और परिवार
रिश्तों में परिपक्वता (maturity) आती है। व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेता है। कभी-कभी अधिक काम के कारण पारिवारिक समय में कमी आ सकती है।
मानसिक परिवर्तन
व्यक्ति अधिक व्यावहारिक, गंभीर और अंतर्मुखी हो जाता है। यह समय भ्रम को दूर कर यथार्थवादी (realistic) दृष्टिकोण विकसित करता है।
उपाय
शनिवार को शनि मंदिर जाना, सरसों के तेल का दीपक जलाना, गरीबों और जरूरतमंदों (श्रमिकों) की निस्वार्थ मदद करना शनि देव को प्रसन्न करता है।